क्या हुआ, आसान शब्दों में
16 अक्टूबर 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुताबिक उसे तीन स्रोतों से चेतावनी मिली: उसकी साइबर-ख़तरा जानकारी देने वाली एजेंसी, डिफेंस साइबर एजेंसी और CERT-In (देश की साइबर आपातकालीन टीम)। चेतावनी यह थी कि बैंक से जुड़ा ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर बाँटा जा रहा है। डार्क वेब इंटरनेट का वह छिपा हिस्सा है जहाँ चोरी का डेटा बिकता है।
लगभग उसी समय एक ऑनलाइन यूज़र ने, जो अपने छद्म नाम से सक्रिय था, दावा किया कि उसने SBI से जुड़े करीब 3.75 लाख (375,000) रिकॉर्ड और 2,722 PDF दस्तावेज़ डाले हैं। जब यह पहली बार रिपोर्ट हुआ, तब इस दावे की पुष्टि नहीं हुई थी।
21 अक्टूबर को SBI ने शेयर बाज़ारों को जानकारी दी। उसने बताया कि करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की पहली जाँच में 3,897 रिकॉर्ड में ग्राहकों की निजी जानकारी मिली। यह जाँचे गए रिकॉर्ड का 1% से थोड़ा ज़्यादा है।
घटनाक्रम
- 16 अक्टूबर: SBI को चेतावनियाँ मिलीं। X पर एक निगरानी अकाउंट ने ऑनलाइन दावे की ओर ध्यान दिलाया।
- 19 अक्टूबर: एक समाचार संस्थान ने बताया कि SBI ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
- 20 अक्टूबर: मीडिया में और कवरेज, दावे को अब भी अपुष्ट बताया गया।
- 21 अक्टूबर: SBI ने एक्सचेंजों को "Incident involving Data Loss" शीर्षक से सूचना दी।
- 21-22 अक्टूबर: SBI ने X पर "ग्राहकों के लिए ज़रूरी जानकारी" डाली, जिसमें कहा गया कि खातों की रकम सुरक्षित है और बहुत कम ग्राहक प्रभावित हैं।
SBI ने क्या कहा है
- उसने साइबर-घटना से निपटने और उसे रोकने की अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
- उसने CERT-In से मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र साइबर-सुरक्षा कंपनी को जाँच का काम सौंपा।
- उसने अभी पुष्टि नहीं की है कि डेटा असली और पूरा है या नहीं, कहाँ से आया, और कितना फैला है।
- उसका कहना है कि उसके मुख्य कारोबार, वित्तीय नतीजों या IT सिस्टम पर कोई ख़ास असर नहीं है। यह बात बैंक के कारोबार के बारे में है, अलग-अलग ग्राहकों के बारे में नहीं।
- उसका कहना है कि ग्राहकों की जमा रकम "पूरी तरह सुरक्षित" है।
रिपोर्ट हुआ, पर पुष्ट नहीं
- ऑनलाइन दावे में लोन आवेदन, खाता खोलने के फ़ॉर्म और पतों का ज़िक्र है। ये बातें दावे से आई हैं, SBI से नहीं।
- यह पता नहीं है कि डेटा SBI से आया, उसकी किसी सहायक कंपनी से, या लोन की पूछताछ संभालने वाली किसी बाहरी कंपनी से।
- SBI की सूचना में 2,722 PDF दस्तावेज़ों का ज़िक्र नहीं है। ऐसे फ़ॉर्म में पहचान-पत्र की कॉपी हो सकती है, इसलिए प्रभावित लोगों की संख्या 3,897 से ज़्यादा हो सकती है। यह एक डिजिटल-अधिकार संगठन की आशंका है, स्थापित तथ्य नहीं।
- "3.75 लाख रिकॉर्ड" का मतलब 3.75 लाख लोग नहीं है, क्योंकि रिकॉर्ड दोहराए जा सकते हैं।
कौन-सी जानकारी उजागर हो सकती है
3,897 रिकॉर्ड में जो जानकारी मिलने की रिपोर्ट है:
- नाम और लिंग
- पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पते
- जन्म तिथि और घर के पते
- शाखा का ब्योरा और बैंक का आंतरिक ग्राहक फ़ाइल नंबर (CIF नंबर)
- लीड ID और लोन से जुड़ा ब्योरा
रिपोर्ट के अनुसार सूचना में ये चीज़ें सूचीबद्ध नहीं हैं: खाता संख्या, बैलेंस, पासवर्ड, OTP, कार्ड का ब्योरा, PAN या आधार। "सूचीबद्ध नहीं" का मतलब "पक्का नहीं है" नहीं होता। SBI का कहना है कि उसकी समीक्षा जारी है।
लीक हुई जानकारी फिर भी नुकसान क्यों पहुँचा सकती है
ऐसे लीक का मतलब यह नहीं कि आपका खाता हैक हो गया। ख़तरा उस कॉल करने वाले से है जो असली लगता है। जिसे आपका नाम, जन्म तिथि, शाखा और लोन का ब्योरा पता हो, वह कह सकता है, "मैं SBI से बोल रहा हूँ। आपकी लोन फ़ाइल का सत्यापन ज़रूरी है।" जानकारी सही होने से लोग सतर्कता छोड़ देते हैं और OTP बता देते हैं, या कोई ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं जो फ़ोन पर क़ब्ज़ा कर लेता है। पैसे ऐसे ही जाते हैं, लीक से सीधे नहीं।
"क्या मैं प्रभावित हूँ?"
- अब तक प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार SBI ने जाँचने का कोई तरीक़ा घोषित नहीं किया है और 3,897 ग्राहकों को सूचना दिए जाने की ख़बर भी नहीं है। इंटरनेट फ़्रीडम फ़ाउंडेशन और विपक्ष के एक सांसद ने इसकी आलोचना की है।
- SBI के आधिकारिक माध्यमों से संदेश का इंतज़ार करें और नीचे बताए तरीक़े से उसे जाँचें।
- "देखें कि आपका SBI डेटा लीक हुआ या नहीं" जैसे किसी भी लिंक, QR कोड या WhatsApp संदेश पर क्लिक न करें। ठग ठीक यही भेजेंगे।
अभी क्या करें
- अपना OTP, PIN, CVV, नेट-बैंकिंग पासवर्ड या UPI PIN किसी को न बताएँ। SBI का कहना है कि वह ये फ़ोन, SMS या ईमेल पर कभी नहीं माँगता।
- KYC अपडेट, लोन या "रिफ़ंड" वाले संदेशों के लिंक पर क्लिक न करें। sbi.bank.in ख़ुद टाइप करें या आधिकारिक SBI ऐप इस्तेमाल करें।
- कोई ख़ुद को बैंक का बताए तो कॉल काटें और अपनी पासबुक, कार्ड या SBI वेबसाइट पर छपे नंबर पर वापस कॉल करें।
- अपने स्टेटमेंट देखें, SMS और ऐप अलर्ट चालू करें और कार्ड पर लेन-देन की सीमा तय करें।
- UPI PIN को ATM PIN से अलग रखें और फ़ोन लॉक रखें।
- अचानक आए लोन ऑफ़र से और आपके लोन का ब्योरा बताने वाले कॉल करने वालों से सावधान रहें।
- अपने परिवार को, ख़ासकर बुज़ुर्गों को, आगाह करें।
अगर कोई कॉल या संदेश आए
- अपने खाते के बारे में कुछ न बताएँ और कॉल काट दें।
- नंबर की रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) या संदिग्ध कॉल के लिए संचार साथी पोर्टल पर करें।
- SBI के नाम पर आए संदिग्ध संदेश इस लेख के अंत में दिए ईमेल पतों पर भेजें।
अगर पैसे निकल गए हों
- तुरंत 1930 पर कॉल करें। पहला घंटा पैसे रुकवाने का सबसे अच्छा मौक़ा होता है।
- अपने बैंक को तुरंत बताएँ। SBI के लिए नीचे दिया अनधिकृत लेन-देन वाला नंबर इस्तेमाल करें।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और स्क्रीनशॉट, कॉल लॉग और लेन-देन के ID संभालकर रखें।
आपके अधिकार। ग्राहकों की देनदारी सीमित करने वाले RBI के 6 जुलाई 2017 के सर्कुलर के अनुसार:
- अगर ग़लती बैंक की है, तो आपको कुछ नहीं देना।
- अगर धोखाधड़ी बैंक और आपके नियंत्रण से बाहर हुई है, तो लेन-देन के बारे में बैंक का संदेश मिलने के तीन कार्य-दिवस के भीतर रिपोर्ट करने पर आपकी देनदारी शून्य है।
- अगर आप चार से सात कार्य-दिवस में रिपोर्ट करते हैं, तो खाते के प्रकार के अनुसार आपकी देनदारी ₹5,000, ₹10,000 या ₹25,000 की सीमा तक सीमित रहती है।
- बैंक को आपकी रिपोर्ट के 10 कार्य-दिवस के भीतर विवादित रकम आपके खाते में लौटानी चाहिए, और आपकी ग़लती बैंक को साबित करनी होती है।
- अगर नुक़सान इसलिए हुआ कि आपने ख़ुद OTP जैसी कोई जानकारी साझा की, तो मामला अलग तरह से देखा जाता है। फिर भी जल्दी रिपोर्ट करें।
नियम बदल सकते हैं। मौजूदा पाठ के लिए rbi.org.in देखें।
जो सवाल उठाए जा रहे हैं
- ग्राहकों को बताना। SBI ने निवेशकों को सूचना दी, लेकिन अब तक की रिपोर्टों में उसने ग्राहकों को सूचित करने की घोषणा नहीं की है। इंटरनेट फ़्रीडम फ़ाउंडेशन के अनुसार मार्च 2026 की एक RBI एडवाइज़री प्रभावित ग्राहकों को बताने की सलाह देती है, और वह बाध्यकारी नहीं है।
- क़ानून। उसी संगठन के अनुसार डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के तहत प्रभावित लोगों को बताने की ज़िम्मेदारी मई 2027 से लागू होने की उम्मीद है।
- कारण। SBI ने नहीं बताया है कि डेटा बैंक से बाहर कैसे गया।
ये दूसरों द्वारा उठाए गए सवाल हैं, जिन्हें हमने ख़ुद परखा नहीं है। SBI या नियामक जवाब देंगे तो हम इस लेख को अपडेट करेंगे।
शब्दों का मतलब
- डार्क वेब: छिपी हुई वेबसाइटें जहाँ चोरी का डेटा बिकता या बाँटा जाता है।
- डेटा लीक या ब्रीच: निजी जानकारी का उन लोगों तक पहुँचना जिन्हें वह नहीं मिलनी चाहिए।
- CIF नंबर: बैंक का आंतरिक ग्राहक नंबर।
- CERT-In: भारत की राष्ट्रीय साइबर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम।
- पहचान का स्वांग (इम्पर्सोनेशन) ठगी: ठग का ख़ुद को आपका बैंक या कोई अधिकारी बताना।
झटपट जवाब
क्या मेरा पैसा सुरक्षित है?
SBI का कहना है कि खातों की रकम पूरी तरह सुरक्षित है। अब तक की रिपोर्टों में ऐसा कुछ नहीं है कि इस लीक की वजह से पैसे निकले हों।
क्या मुझे खाता बंद कर देना चाहिए?
नहीं। सतर्क रहें और ऊपर के क़दम उठाएँ।
क्या मुझे पासवर्ड बदलना चाहिए?
पासवर्ड के उजागर होने की बात सूचीबद्ध नहीं है। बदलना अच्छी आदत है और नुक़सानदेह नहीं, लेकिन किसी संदेश के लिंक से कभी न बदलें।
क्या यह SBI की हैकिंग है?
पुष्टि नहीं हुई है। SBI का कहना है कि वह स्रोत का पता लगा रहा है।
आधिकारिक संपर्क
- साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930 और cybercrime.gov.in
- SBI, अनधिकृत लेन-देन (टोल-फ़्री): 1800 11 1109 या 94491 12211
- SBI, फ़िशिंग की रिपोर्ट: report.phishing@sbi.co.in
- SBI, SBI के नाम पर आए संदिग्ध कॉल, SMS या ईमेल: epg.cms@sbi.co.in
अंतिम अपडेट 22 अक्टूबर 2026। यह सामान्य जागरूकता है, क़ानूनी सलाह नहीं। स्थिति अभी बदल रही है।
स्रोत
हम अपने शब्दों में सार देते हैं और मूल स्रोतों के लिंक जोड़ते हैं।
- State Bank of India Cyber security: advice for customers https://sbi.bank.in/web/personal-banking/cyber-security
- State Bank of India Customer care and contact numbers https://sbi.bank.in/web/customer-care/contact-us
- Reserve Bank of India Circular RBI/2017-18/15: Limiting liability of customers in unauthorised electronic banking transactions (6 July 2017) https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_ViewMasCirculardetails.aspx?id=11040
- Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) National Cyber Crime Reporting Portal https://cybercrime.gov.in
- Department of Telecommunications Sanchar Saathi: report suspicious calls and messages https://sancharsaathi.gov.in
- The Hacker News State Bank of India confirms data leak after 3,897 customer records found on dark web (21 Oct 2026) https://thehackernews.com/2026/10/state-bank-of-india-confirms-data-leak.html
- BusinessToday SBI data breach? Hacker claims leak of 3.75 lakh records, over 2,700 documents (20 Oct 2026) https://www.businesstoday.in/amp/india/story/sbi-data-breach-hacker-claims-leak-of-3-75-lakh-records-over-2700-documents-562638-2026-10-20
- Outlook Money SBI cyberattack: bank says customer balances safe, very few customers affected (22 Oct 2026) https://www.outlookmoney.com/news/sbi-cyberattack-bank-says-customer-balances-safe-very-few-customers-affected
- The Wire SBI admits data leak on the dark web; IFF, Congress question why customers not informed yet https://m.thewire.in/article/banking/sbi-admits-data-leak-on-the-dark-web-iff-pawan-khera-question-why-customers-not-informed-yet
- Internet Freedom Foundation SBI told investors its data breach doesn't matter. What about the 3,897 customers it affected? (21 Oct 2026) https://internetfreedom.in/sbi-told-investors-its-data-breach-doesnt-matter-what-about-the-3-897-customers-it-affected/
- Upstox News SBI data leak: customer balances are completely safe, State Bank of India assures users (22 Oct 2026) https://upstox.com/news/personal-finance/latest-updates/sbi-data-leak-customer-balances-are-completely-safe-state-bank-of-india-assures-customers/article-202208/